~Bahot Mehsoos Hota Haii, Tera, Mehsoos Na Karna .. ‘
राहों का ख़याल है मुझे.. मंज़िल का हिसाब नहीं रखती। अल्फ़ाज़ दिल से निकलते है.. मैं कोई किताब नहीं रखती।।
इक बात बेखौफ मुझसे कहता है आईना , कभी आदमी अच्छे हुआ करते थे तुम भी …..
गुनाह यार ए मोहब्बत हुआ है मुझसे…!!! . . गुजारिश है कोई मेरे दिल को फांसी दे दो…!!!
किताबें भी पढ़ने का शौक़ नहीं था हमें, और इस इश्क़ ने आँखें पढ़ना सिखा दिया !!
किसी ने धूल क्या झोंकी आखों में, पहले से बेहतर दिखने लगा है.
-Jab Meiin Kuch Bhii Nahii Sochtii Tab Bhii Meiin Tumhe Sochtii Hoon .. ‘
कैसे भुला देते हैं लोग तेरी खुदाई को, या रब! मुझसे तो तेरा बनाया हुआ एक शख्स, भुलाया नहीं जाता……..
Tum jo hoty to zindagi hum sy…. Ralkh lehjy men baat ku krti….
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