जिंदगी ना होई मोबाईल की लीड होगी … जितना बी सुलझा कै सो ले , तड़की उलझी पावै ,

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न्यू कवैं मां बाप की इज्जत करो … औरतां की इज्जत करो … बढे बुड्ढयां की इज्जत करो … छोरियां की इज्जत करो …

अरै सबकी इज्जत करो तो … वा के कए करैं सुसरी बेज्जती किसकी करैं , हमनै तो रोटी बी ना बढिया लागती जब तक दन मैं दो चार की नासां मैं तै धुम्मा ना लिकाड़ दैं उनकी बेज्जती करकै …

यार हरीयाणवी सां हम …

एक हल है या किसे नै ना कही अक छोट्टेयां की इज्जत करो … इब कल तै जड़ै बी कोई छोट्टा दिख्खै उसकी गुद्दी पै बेमतलब रैप्टा मार द्यो … 😂😂

मजाक था भाई आग्गै थारी मरजी .

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एक अस्सी साल के बुजरग नै बुढ़ापे के अकेले पण तै तंग आकै एक सत्तर साल की विधवा गैल ब्याह कर लिआ …
सुहागरात नै बेगम धोरै गया अर … उसका हाथ पकड़ कै सो ग्या …
दूसरी रात बी याए काम करया बुढ़िया का हाथ पकड़ कै सो गया …
तीसरी रात बी …
चौथी बी …
पांचवी रात हाथ पकड़न लाग्या तो बुढिया बोल्ली … आज मेरी तबियत कुछ ठीक नाहै जी … आज रैहण दो प्लीज

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म्हारा एक दोस्त है लगभग अपणी करतुतां की वजह तै बेरोजगार है …
पर दारू का शौकीन है , कोए दोस्त फस ज्यो उदन उस पै तै दारू पी कै मानैगा बेसक अपणी बचपन की दोस्ती का वास्ता दे कै ब्लैक मेल करणा पड़िओ …

अर लाके तिन्न पैग बल्लिए … मेज पै हाथ मार कै बोलैगा :- ओए तेरे भाई पै बेसक पैसे की तंगी रवै है पर आज तंई किसी भैंचौ के पल्ले तै दारू कौनी पी … अर सुन कल आ जइए बेसक पाँच चार तटपूजिए ले कै फुल्ल पार्टी तेरा भाई करैगा … 😎😎😎

थारा बी कोए ऐसा दोस्त है के ..

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दिल्ली की छोरी हरियाणवी फोटोग्राफर का मजाक उड़ान खात्तर बोली :- अंकल पासपोर्ट साइज फोटो खींच दो पर उसमें मेरे नाइक के शूज भी आने चाहिए …

एक तो फरमाइश खतरनाक दूसरा सम्बोधन ( अंकल ) उस्तै खतरनाक पर छोरा हरयाणवी था बोल्या :- ठीक सै जूते सिर पै धर कै खड़ी होजा …

छोरी बेज्जती सी फील करगी … दूकान के बाहर छोरे का बाब्बु बेठ्या था उसनै उस्ते शकैत लाई …

पूरी रामकहानी सुण कै बाब्बु बोल्या :- किम्मे ना बेट्टी यो नंवा नंवा काम सिख्या है … तूं न्यू कर उकड़ू बैठ कै खिचवाले .

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उस आदमी तै बड़ा स्वादू कोए नी —
जो ब्याह म
एक दस का नोट आधे घंटे तक हवा म घुमा कै उल्टा गोज मे घाल ले

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थोड़ी टैंसन सी होरी थी दोस्तो … मन्नैं पता है दारू हल ना है …
पी ली और पिऊंगा ,कौए साथ बैठ ज्यो रै मेरे

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फोन मैं एक वाएरस साफ करण की ऐप थी उसपै दिन मैं दसियां मैसेज आए करते अक फोन हैंग होण तै बचाण तंइ फालतू ऐप डीलीट करो …
मन्नै वा ऐप ए डीलीट मार दी सुसरी … ईब ना हैंग होता फोन

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एक घणी सुथरी छोरी किराने की दुकान पै जाकै बोल्ली :: लाला जी लिपटन की चा है के … 😗😗
लाला जी बोल्या :: ना बेब्बे चा पत्ती तो खतम होगी ,
थम के सोच्चो थे लाला के कवैगा … लुच्चे कट्ठे होरे बइमान … 😂😅😜
जो.इसका मतलब समज रे हैं वे तो मजे लेरे जिसनै ना समज आई वे किसे तै टैग कर कै पूछ ल्यो … लुच्चे तो घणे हैं .

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8 दिन हो गए थे लगातार इनबॉक्स में हाय हेल्लो होते। किते ना किते उसका भी जी करे था मेरे त बात करण का अर किते ना किते मैं भी बाट देखू था उसके मैसज का सारी हाण। फेर के था नोम्मा दिन आ गया जुकर त उसका मैसज आया जमा गेला गेल मन्ने रिप्लाई करा मखा के ढंग स। वा भी स्माइली घणी भेजे थी बात कम करे थी। फेर बात इतनी बढ़ गी थी ईब अक भीतरले मैं कुलकली रहण लाग्गी जब तैई बात ना हो ले किसे काम का जी ना करे। फेर एक दिन उसने बुला ऐ लिया तडके तडक मिलण खातर। ईब तडके तडक मीठी मीठी ठण्ड। अर वा मेरे स्यामी। मेरा कसूता जी कर रया अक कोळी भर ल्यू अर जब तैई घाम ना लिकडे छोड्डूए ना। फेर वा न्यू बोल्ली मन्ने तेरे त कुछ कहणा है। मन्ने कान करा उसके होठां कहनी। आवाज आयी
र बेटीचो* के यो काटडू खुला गया सारी धार चूँघ गया। खड़ा हो ले चुतड़ा प घाम आ लिया। बाब्बू न सारे सपने की इसीतीसी करदी।

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क्या आप जानते हैं … ?
चाय शराब से ज्यादा खतरनाक है … 🤔

मैं इबी दारू पीकै घर आया तब मेरी घराली चाय पीवै थी … मैं तो चुपचाप शांत खड़या हूं … उसनै रुक्के देदे कै पूरा घर सिर पै ठा राखया है …

चाय के नशे मैं … हंजी …

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सड़क पै एक लुगाई गर्मी तै चक्कर खाकै पड़गी … मानस कट्ठे होगे

एक ताऊ रुक्के देण लाग्या :- दूध सोढा ल्याओ रै कोएसा दूध सोढा ल्याओ …

एक छोरा भाज कै बीस रपइए का ठंडा दूध सोढा लियाया …

ताऊ उसपै तै दूध सोढा लेकै सारा आप पी ग्या अर गहरी सांस भर कै बोल्या … भाई मेरे पै नि ऐसे ऐसे हादसे देक्खे जांदे यार …

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हज़्ज़ाम: ताऊ, बाल छोटे करने है के…?
ताऊ: बड़े कर सके है के !!

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एक सात साल का छोरा अपणी माँ तै बुज्झण लाग्या … एरी माँ तूँ मन्नैं कित तै ल्याई थी ,

माँ बोली बेट्टा मन्नैं एक गत्ते के डब्बे मैं थोड़ा गुड़ अर पाणी गेर कै रख दिया … चार दिन बाद मन्नैं डब्बे मैं तूं पाया अर तूं मेरी औलाद बण ग्या ,

छोरे नै बी न्युए करी फेर चार दन बाद डब्बा खोल कै देख्या भित्तर एक कॉकरोच हांडै था … छोरा छौ मैं आकै बोल्या … साले जी तो करै तन्नैं ईबी चप्पल मार कै मार द्यूं , पर के करूं औलाद है तूं मेरी …

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एक बार ताऊ फिल्म देखण गया, फिल्म का नाम था बॉबी, अर गाणा चाल रया था, “मैं मायके चली जाऊंगी”।

Dimple: मैं मायके चली जाऊंगी, तुम देखते रहियो।

ताऊ: न्यू क्यूकर चली ज्यागी, यो तेरी टांग ने तोड़ देगा।

Rishi Kapoor: मैं दूजा ब्याह रचाउंगा

ताऊ: येह्ह्ह्ह बात .. छोरे ने कट्या रोग

Dimple: मैं कुवें में गिर जाउंगी।

ताऊ: छोरे बहकाए में मत आ ज्याइये .. पाखण्ड कर रिह सै।

Rishi Kapoor: मैं रस्सी से खिंचवाऊंगा।

ताऊ: अरे क्या ने खिंचवावे सै….. आगे फेर सेधेगी।

Dimple: मैं पेड़ पर चढ़ जाउंगी।

ताऊ: टंगी रहन्दे सासु की नै।

Rishi Kapoor: मैं आरी से कटवाऊंगा

ताऊ: अरे तू भी मैंने तो किमे नकली सा ए लाग्या… खामखाँ अपनी बुआ नै सिर पै चढ़ा रया सै।

Dimple: मैं मायके नहीं जाउंगी, मैं मायके नहीं जाउंगी।

ताऊ: तावलिये होश ठिकाणे आगे

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काम धंधे के चक्कर मैं घर तै बाहर जाणा पड़या पहली बार …

साउथ इंडिया मैं चेन्नई … ओढ़ै एक घर मैं पी जी सैट हो ग्या , दो चार दन तो उनके डोस्सा , उपमा साम्भर बड़ा , इडली ठीक लागे … फेर मन भर ग्या घर की रोटी याद आण लाग्गी ,

होटलां कान्नी चल दिया पर ना रोटी ढंग की अर ना सब्जी रुह सर की … हार माणनियां तो होए ना करते हरयाणा आले मखा रै रोटी मैं बणाउंगा रूम पै खुद …

कर लिआ सारा जुगाड़ अर बणाई आड्डी टेड्डी सी रोटी अर कच्ची पक्की सी दाल … जैसी बी थी घाल्या घी अर खाई … भाई बणी तो बात सी किम्मै पर वा माँ के हाथ का सुआद ना था …

दो तीन दन बाद हाथ तो चालण लाग गया रोटी सब्जी बणान मैं पर वा बात क्यों ना बणरी यार …

फेर के बांध लिआ परणा सर पै … लाल टोप्पी आले बाबा तै ले कै अर लाल चड्डी आले बाबा तक सारेआं के मसाले जो टीवी मैं देखे थे बरते … सब्जी चरचरी सी होजा थी पर वा बात ना ,

मिहनेंक पाच्छै रात साड्डे यांरा बजे रूम पै आया आलू गाजर मटर की सब्जी बणान लाग्या … ना तो लाल मिर्च ना मसाले सब किम्मै निमट रया था … बस थोड़ी हरी मिर्च अदरक लहसण पड़या था … चाल रै आज याए सइ … बणाई सब्जी रोटी अर पहली बुरकी मुंह मैं गेरिए थी माँ के हाथ बरगी सी लाग्गी …

मन्नै तड़कै माँ तै सारी कहानी बताई … माँ बोल्ली रै बेट्टा सुआद किसी बी औरत के हाथ मैं ना होता उसकी नीयत मैं हो सै वा स्वाद गैल्यां परिवार की सेहत का बी ख्याल राक्खै सै अर घणे तेल मसाले ना गेरदी वाए पोस्टिक सुआद मर्दां की जबान पै रच बस जा है … जिसनै थम्म परदेसां मैं याद करो अक माँ के हाथ का खाणा ,

मखा ए माँ मन्नै बी आ लिया थोड़ा थोड़ा माँ के हाथ का खाणा बणाना … बेसक टोह ले कोइ मेरे खात्तर जिसनै रोटी बणानी ना आंदी हो … मैं तो न्यू चांहू अक मेरे बालक याद करैं …

बाब्बू के हाथ का खाणा … 👍👍👍

Love you माँ …

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