टीचर :- अच्छा इसका अंग्रेजी में अनुवाद करो … ” रामस्वरूप बिमार था परिणाम स्वरूप मर गया ”

पप्पी :- सर पहल्यां न्यु बताओ जब बिमार रामस्वरूप था तो परिणाम स्वरूप क्युकर मर गया … 😏

टीचर :- अरै बेकूफ रामस्वरूप बिमार था फलस्वरूप मर गया … 😬

पप्पी :- एल्ले ईब तीसरा मार दिया … जो बिमार है पहल्यां उसनै मारो सर जी फेर अनुवाद करुंगा … 😎

टीचर नै चाक का डब्बा बगा कै मारया बोल्या सुसरे तूं हिंदी सीख पहल्यां

Loading views...



Wife :- दो घंटे खात्तर बजार जारी हूं , आपनैं कुछ चइए …
Me :- ना इतनाए बोहत सै …
(ना गई … बराबर मैं मुंह फुला कै बैठी है

Loading views...

पत्थर उठा के मारते हैं मेरे ही मुझको …

दीवाना हो गया हूं मैं … देख के तुझको ,

तूं खुद भी खुद के जलवे से अंजान है शायद …

तिरछी नजर से आइने में देख तो खुद को

Loading views...

घराली बोली :- आप मन्नै चाँद ल्या कै दे सको हो …

मखा हट बावली या के बात करी … बोल कै मैं दूसरे कमरे मैं गया अर अपणा शेविंग आला सिस्सा ल्या कै उसतै पकड़ा दिया … या पकड़ …

सिस्सा हाथ मैं ले कै उसमैं देख कै उसकी आँख भर आई बोली :- आप मन्नै चाँद समझो हो …

मखा ओ गलत फहमी मेरा मतबल है अक जिस मुँह तै चाँद मांगरी है वा मुंह देख पहल्यां फेर बात कर …

भाई मुंह पै चपली मारणा या कैसा पत्नी धर्म है … अर ईब रोण बी लागरी मेरे कान्नी कड़वा कड़वा देख कै .

Loading views...


दिल्ली में प्रदूषण का कारण हरियाणा के जाट सं
जो हुक्के का धुमा दिल्ली कण मुंह करके छोड़े सं

Loading views...

ऐसी की तैसी किसी गब्बर टब्बर की … 😈😈

आलम पूरे मुहल्ले में ये है हमारी दहशत का …

हाथ में आइसक्रीम लिया हर बच्चा काँप उठता है हमें देखके …

अक ईब यो खोसैगा … 😢

Loading views...


जन्नत में हाई अलर्ट … हूरे सिर्फ बहत्तर थी , पहुंच गए तीन सौ …
हर कौई अपनी अपनी बहत्तर मांग रहा है

Loading views...


देविओ और सज्जनो ( वैसे छौ मैं मत आइयो भाइयो मन्नैं थारे तै सज्जन बोल दिया 😉 ) तो आइए आज इस राज से पर्दा उठाते हैं कि पति हमेशा रात को घर लेट क्यों आता है … ?

No. 01 :- शादी के तुरंत बाद … सब घर वाले सो जांए फिर जांऊगा … और जाते ही मनमोहनी संग डाइरैक्ट ईलू ईलू … 😍

No . 02 :- शादी के पाँच साल बाद … यार थोड़ा लेट घर जांऊगा तब तक बच्चे सो जाएंगे … नो डिस्ट्रबैंस प्राणप्यारी से जाते ही प्यार भरी गुटरगूँ करूंगा … 😘

No. 03 :- दस साल बाद … रात बारां बजे … बार में पीने बैठे पति को वेटर बोलता है “ए शाब बश करो अबी घर जाओ बार बंद होने का टाइम हो गया है ” तो सामने से वो एक दर्द भरी मुस्कान चेहरे पे ला के बोलता है … “चल्या जाउंगा मेरे दोस्त , भाई चल्या जाउंगा थोड़ी देर और डट ज्या बस तब तक वा मेरी सास्सु आली सो लेगी तो मैं बी जाकै अराम तै सो जाउंगा मेरे बीर … ना तो फेर दिमाग का दही करैगी रोज की ढाल … चल्या जाउंगा बेट्टे , वेटर साब चल्या जाउंगा ..

Loading views...

ओ हवनकुंड, भक्तों का झुंड
सुनसान रात, सब साथ-साथ
सुन मन की बात, रख दिल पे हाथ
बोलो त्या थिलेदाआआआ …
तमल थिलेदा… तमल थिलेदा…तमल थिलेदा… 😎😎

जोकिंग अवेएएए ..

Loading views...

पूनम : कोई आवाज दे है बाहर गेट पै , देखियो ।
अनिल : कौण है ?
पूनम : मैं ना पिछाणती
अनिल : अच्छा , रुकण की कह , मैं आऊं हुँ बाहर नै ।
एक तै इस घर मैं कुछ मिलता नी बख्त पै , मेरी घड़ी कित गई इब ?
किसे काम की नहीं या लुगाई , कोय चीज ठिकाणे पै नी पाती , बेरा ना के करती रह है सारे दिन बैठ्ठी बैठ्ठी ।
किस्मत फूट गी मेरी जो या पल्लै पड़ी ।
पूनम : तू पहल्या कोस ले अपणी किस्मत नै जी भर कै, तन्नै तो ज्युकर जीवन सफल कर दिया मेरा , तन्नै पा कै तो सारी इच्छा पूरी होगी मेरी ।
मौका मिलते ए जहर काढण लाग ज्या अपणा , कदे मिठास भी आया है इस जबान पै मेरे नाम का ??
इतणे मैं दुबारा किवाड़ खुड़कै है …..
अनिल : आऊं हूँ , आऊं हूँ , शांति राख ।
“नारंगी पीला सूट पहरे एक सुथरा सा चेहरा, जमीन मैं नजर ग़ाड्डे खड़ा था ।
ज्युकर कुछ छिन ग्या हो उसका”
अनिल : जी बोलो ,
पिछाणे नी आप !!
“उसकी आंख ईब भी जमीन पै थी, ज्युकर कुछ
उकेरणा चाहती हो, उस संगमरमर के धोले फर्श पै ।”
ब्होत हिम्मत जुटा कै वा उप्पर लखाई ।
अनिल : सुमन तू !!
“इस बोल के पाछै जो सन्नाटा ब्यखरा , उसकी चीख मैं , वे सारे ‘घा’ जो भर कै , नई खाल मैं ढल गे थे, एक बार फेर हरे हो गे ।”
” वो घर का गेट एक सीमा रेखा मैं बदलग्या ।”
“एक पासै रिवाजां की रस्सी तै गांठ मार कै गला घोंटी होई गृहस्थी थी और दूसरे पासै बख्त अर झूठे अहंकार की मार खाया होया प्यार।”
“बसी होई गृहस्थी मैं अलगाव का विलाप था अर उजड़े होए , दीमक के खाए होए प्यार मैं सुकून।”
“करुणा तै एक जीसी थी दोनूं पासै , बस बख्त सही ना था।”
“दिल के स्वार्थ नै गृहस्थी के किवाड़ लात मार कै बंद कर दिए थे ।”
अहमद फ़राज़ साहब की ग़ज़ल का यो शेर ब्होत सही लागै है आडै :
” रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ …
तू फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ “

Loading views...


एक मॉडर्न छोरी बोल्ली मैं आज की छोरी हूं कुछ बी कह दे मन्नै छौह ना आता …
.
.
.
मन्नै उस्तै बेब्बे कैह दिया

.
.
.
अर आज मेरी एक बहन और है अर वा मन्नै सगे भाई जैसा समझै अर मैं धन हो गया … नजरिया है लड़कियों की तरफ देखने का कभी भी बहन गर्ल फ्रैंड से ज्यादा प्यारी होती है क्योंके उसके प्यार में छल नही होता … और जीवन साथी एक होता है एक ही होना चाहिए … भाई बहन हमें जितने हो सकें बनाने चाहिए

Loading views...


दो आदमियों की बीवीयाँ मेले में खो गईं जिसमे से एक हरियाणा से था और एक दिल्ली से l
.
अपनी अपनी बीवी ढूंढते हुए वो आपस में मिले..!
.
तुम्हारी वाली की पहचान? – हरियाणा वाले ने दिल्ली वाले से पूछा.
दिल्ली वाला बोला – 5’7″, गोरी, भूरी आँखें और पतली है, स्लीवलेस पिंक टीशर्ट और लाल मिनी स्कर्ट पहने है।😪
तुम्हारी की क्या पहचान है ?😌
हरियाणा वाला- मेरे आली कै मार गोली, चाल तेरी ढूंढेंगे

Loading views...

आजकाल के बालका की घनघोर समस्या 👇👇👇
तू चाहवै सरकारी नौकरी आला
*
*
*
*
याड़ै private की भी आस कोनी

Loading views...


एक डाब्बे पै छोटू चाय लेकै आया अर आंगली चाय के गिलास मैं डुबो रया था …

गाहक छोह मैं आ गया … अरै यो के है रै …

छोटू बोल्या … जी हमरा उंगली में चोट लगा था दर्द कर रहा था इसलिए गरम चाय में डुबो दिए आराम मिलता है …

गाहक का पारा हाई हो ग्या … साले अराम तांई मेरिए चाय पाई थी … आंगली अपणे चुतड़ां मैं दे लेंदा …

छोटू भोलेपण तै बोल्या … जी बाऊ जी वंही दिए थे पर आपका चाए लाणे के लिए निकालना पड़ा

Loading views...

अमिताभ बच्चन :- एक हजार रुपए के लिए पहला सवाल ये रहा आपकी क्म्पयूटर सक्रीन पे …
किस के नालायक बच्चे अपने पिता की कमाई पे ऐश करते हैं … आपके ऑपशन हैं …
A किसान
B मजदूर
C फिल्म कलाकार
D दुकानदार
मैं :- 😣😣😐😥😨 जी मैं लाइफलाइन ल्यूंगा ,
अमिताभ बच्चन :- हाहाहा काटाबेन शांत हो जांए …पहले ही सवाल पे … खैर कौन सी लाइफलाइन लेंगे आप …
मैं :- जी मैं एक नालायक दोस्त तै फोन करणा चाऊं हूं जो बाप की कमाई पै ऐश कर रया है … 😬😬😬
अमिताभ बच्चन :- ओह तो आपके दोस्त भी नालायक हैं हा हा हा … कौन हैं आपके वो नालायक दोस्त …😝😝
मैं :- सर जी अभिषेक बच्चन तै फोन ला दयो … 😩😩
अमिताभ :- 😡😡😈😈 अरै ठा कै बाहर गेरो इसनै कौणसे नै बुलाया था यो … नातो मैं जा रया हूं …

Loading views...

टीचर :- अपनी माँ की तारीफ मैं एक ऐस्से लिखो ,

छात्र :- सर दुनिया मैं वा स्याई ना बणी जो मेरी माँ के गुण लिख सकै …

टीचर :- ओह … तो बेट्टा बाब्बू के बारे मैं लिख दे कुछ ,

छात्र :- सर जी वा कागज इ ना है सृष्टी मैं जिसपै मेरे बाब्बू की महानता लिखी जा सकै …

मास्टर जी की आंख्यां मैं पाणी आ गया छोरे तै गले लाकै बोल्या :- वाह रै महान आत्मा मनैं गर्व है तेरे पै … बड़ा हो कै के बणैंगा …

महान आत्मा बोल्या :- जी मास्टर जी बड़ा होकै नेता बणूंगा अर बिना कुछ करे धरे न्युए बड़ी बड़ी बात करकै लोगां का फद्दू बणाउंगा अर ऐश करुंगा ..

Loading views...