हरयाणे का एक गिट्ठा सा छोरा दिल्ली बस मैं जा था भीड़ घणी थी खड़े नै धक्के लागैं थे उपर सहारे आले डंडे तंइ उसका हाथ ना पौंच्या … एक लाम्बा सा माणस खड़या था उसकी दाड्ढी पकड़ कै खड़या हो ग्या अराम तै …
उस बंदे नै सोच्ची गल्ती तै पकड़ रया है बोल्या :- जनाब आप मेरी दाढ़ी पकड़े खड़े हैं इसे छोड़ दीजिए …
म्हारे आला गिठ मुठिया बोल्या :- क्यों उतरणा है के

Loading views...



पूनम : कोई आवाज दे है बाहर गेट पै , देखियो ।
अनिल : कौण है ?
पूनम : मैं ना पिछाणती
अनिल : अच्छा , रुकण की कह , मैं आऊं हुँ बाहर नै ।
एक तै इस घर मैं कुछ मिलता नी बख्त पै , मेरी घड़ी कित गई इब ?
किसे काम की नहीं या लुगाई , कोय चीज ठिकाणे पै नी पाती , बेरा ना के करती रह है सारे दिन बैठ्ठी बैठ्ठी ।
किस्मत फूट गी मेरी जो या पल्लै पड़ी ।
पूनम : तू पहल्या कोस ले अपणी किस्मत नै जी भर कै, तन्नै तो ज्युकर जीवन सफल कर दिया मेरा , तन्नै पा कै तो सारी इच्छा पूरी होगी मेरी ।
मौका मिलते ए जहर काढण लाग ज्या अपणा , कदे मिठास भी आया है इस जबान पै मेरे नाम का ??
इतणे मैं दुबारा किवाड़ खुड़कै है …..
अनिल : आऊं हूँ , आऊं हूँ , शांति राख ।
“नारंगी पीला सूट पहरे एक सुथरा सा चेहरा, जमीन मैं नजर ग़ाड्डे खड़ा था ।
ज्युकर कुछ छिन ग्या हो उसका”
अनिल : जी बोलो ,
पिछाणे नी आप !!
“उसकी आंख ईब भी जमीन पै थी, ज्युकर कुछ
उकेरणा चाहती हो, उस संगमरमर के धोले फर्श पै ।”
ब्होत हिम्मत जुटा कै वा उप्पर लखाई ।
अनिल : सुमन तू !!
“इस बोल के पाछै जो सन्नाटा ब्यखरा , उसकी चीख मैं , वे सारे ‘घा’ जो भर कै , नई खाल मैं ढल गे थे, एक बार फेर हरे हो गे ।”
” वो घर का गेट एक सीमा रेखा मैं बदलग्या ।”
“एक पासै रिवाजां की रस्सी तै गांठ मार कै गला घोंटी होई गृहस्थी थी और दूसरे पासै बख्त अर झूठे अहंकार की मार खाया होया प्यार।”
“बसी होई गृहस्थी मैं अलगाव का विलाप था अर उजड़े होए , दीमक के खाए होए प्यार मैं सुकून।”
“करुणा तै एक जीसी थी दोनूं पासै , बस बख्त सही ना था।”
“दिल के स्वार्थ नै गृहस्थी के किवाड़ लात मार कै बंद कर दिए थे ।”
अहमद फ़राज़ साहब की ग़ज़ल का यो शेर ब्होत सही लागै है आडै :
” रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ …
तू फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ “

Loading views...

आजकाल छोरी उस छोरे नै
‘हाय जानू,
हाय बेबी,
हाय हैडंसम’
कह कै बोलैै हैं
जिसनै हाम कदे लंडर कह कै बोल्या करते

Loading views...

उपर आला ठाल्ली बेठ्या था एक दन … के करूं … के करूं …
उसके तो सोचने की देर थी ( बइ पावरफुल तो है ) सृष्टी रच दी … गोल गोल गेंद से ग्रह कोई इसके चक्कर काट रया कोए उसके अर जिसके सारे चक्कर काटरे वो बी चक्कर काट रया बेरा ना किसके …

इतना कन्फ्यूजन पर ना कोई लड़ाई ना झगड़ा ना दंगा ना फसाद ना ऐक्सिडैंट … मतलब मजेदार तो था पर कोए थ्रिल ना था … फेर बोरिंग सा माहौल हो ग्या थोड़े दन पाच्छै ( उसका एक दन बी करोड़ों साल का होए करै )

फेर उसनैं एक गेंद ( ग्रह ) चुनी उसपै पेड़ पौधे , जीव जंतू से बणा दिए … फेर कुछ दन जी सा लाग ग्या … पर मजे आली बात ना थी …

फेर उसनै बनाया इंसान …

अर उसके बाद आज तंई ढंग तै वा खुद बी ना सो पाया … जो उसनैं मान्नैं वा चौबिसों घंटे उसतै मांगे …
अर जो ना मानते वो … उसतै चैलेंज करदे रवैं … अक तूं है तो या करकै दिखा वा करकै दिखा …
अर जो बीच आले हैं … वे उसका नाम ले कै सारी दुनियां मैं नफरत फैलावें … देश , धर्म , रंग , नस्ल के नाम पै अर उसके बनाए इंसान तै उसी का नाम ले कै बेकूफ बणारे हैं अपणे सुख की खात्तर …
भाई मान जाओ … दुखी हो लिया वो ईब थारे लच्छना तै … रात बतावै था मेरे तै न्यू कवै था यार ईब तो या खेल खत्म करणा पड़ैगा घणा बेकार हो लिया ..

Loading views...


आज ताऊ जी गाम तै शहर आरे थे किसी काम तै , साथ मैं उनके तीन दोस्त और थे … काम निम्टा कै म्हारे तै मिलण आगे पापा घर ना थे मन्नैं इज्जत सत्कार तै बैठक मैं बिठाए …

थोड़ी हाण मैं माँ की अवाज आई रसोई मैं तै :- आइए बेट्टा …

मैं गया … माँ बोली :- रुह अफजा बणाई है , या जग अर एक गलास लेजा …

एक गलास … मैं थोड़ा हैरान हो कै बोल्या … चार गलासां मैं घाल दे ना माँ ट्रे मैं रखकै ले जांउगा …

ले कै जा … माँ नैं घुड़की मारी

बुरा सा मुंह बणाकै जग अर गलास ले कै गया …
ताऊ जी के जो दोस्त पहल्ड़े कान्नी बैठे थे … उन्तै गलास मैं घाल कै दिया रुह अफजा … पीकै उन्होनै फेर गलास आगै कर दिया … फेर एक … फेर एक

पूरा जग निम्टा दिया …

मैं रसोई मैं जाकै माँ तै बोल्या :- माँ या सारा जग तो एक ताऊ जी पी गए …

माँ मुस्करा कै बोली :- मन्नै पता था … बेट्टा गाम आले जब मेहनत करदे हाण नां शर्मांदे तो खाण पीण मैं बी वे गिण्ती ना करया करदे … मैं बी गाम की हूं … तेरे मामा हर कदे आवैंगे तो देखिए वे इनके बी ताऊ हैं … या दूसरा जग ले जा जब तक मैं तीसरा जग तयार करुं …

Loading views...

भगवान नै दो कान क्यां तै दिए ?
.
.
दोनूंआ नै गर्म कपड़े तै लपेट द्यो तो जाडा कम लागै है ,
थैंक्यू कैहण की जरुरत ना है हीहीही … सर्दियां आरी हैं याद राखिओ बस .

Loading views...


घराली बोली :- आप मन्नै चाँद ल्या कै दे सको हो …

मखा हट बावली या के बात करी … बोल कै मैं दूसरे कमरे मैं गया अर अपणा शेविंग आला सिस्सा ल्या कै उसतै पकड़ा दिया … या पकड़ …

सिस्सा हाथ मैं ले कै उसमैं देख कै उसकी आँख भर आई बोली :- आप मन्नै चाँद समझो हो …

मखा ओ गलत फहमी मेरा मतबल है अक जिस मुँह तै चाँद मांगरी है वा मुंह देख पहल्यां फेर बात कर …

भाई मुंह पै चपली मारणा या कैसा पत्नी धर्म है … अर ईब रोण बी लागरी मेरे कान्नी कड़वा कड़वा देख कै .

Loading views...


आज वो छोरी…
रास्ते मे
गोबर थापती दिखी….. 😝😝
जिसने
अपनी फेसबुक प्रोफाईल मे
लिख रखा है
” I don’t work, I am a Princess..

Loading views...

शादी के पहले दिन छोरा confuse हो रहा था कि
पत्नी से कैसे बात शुरू की जाये।
.
कमरे में पहुंचा, तो 5 मिनट के लिए तो दुल्हन के पास चुपचाप
बैठा रहा, उसके बाद धीरे से बोला:
.
..
.
“के नाम है तेरा ?” 😎😎
.
दुल्हन शरमाते हुए बोली:😅
.
“क्यों, कार्ड मे थारी बुआ का नाम लिखवाया था के ?

Loading views...

फोन करकै बोली :- मेला बाबू तंहा है … 😗

मखा थाने आया हूं … 😏

बोली … ओooo मेले बाबू को भुक्खू लगी थाना था लहा है … 😗

मखा ओ भूरी चमगादड़ बाइक एक्सिंडैंट हो गया था पुलिस आले ठा ल्याए मन्नै थाने … समझगी तोतली मकौड़ी … 😡

बोली … ओooo मेला बाबू नलाज हो दया … छोooली … 😗😗😗

धणे फरी टैम मैं बणाई थी राम नैं या आइटम मेरे तंई

Loading views...


जाट…… दिल्ली चला गया
रेलवे स्टेशन पै अखबार वाले से bola
एक अखबार देना…
.
.
अखबार वाला-हिन्दी या अंग्रेजी ka
.
.जाट ….. भाई कोईसा दे दे
मने तो रोटी लपेटनी है|

Loading views...


दिल्ली की छोरी हरियाणवी छोरे गैल्यां ब्याह दी …
एक दन ओवर स्मार्ट बण कै पति गैल्यां मजाक कर बैठी … ड्रांइग रूम मैं बैठे तै जाकै बोली … देखिओ बाहर आपका कोई रिश्तेदार खड़ा है … 😗😗

पति नैं बाहर जाकै देख्या एक गधा खड़या था … बोल्या ओहो साले साब आप फोन बी ना करया , सास्सू जी ना आई … 😎😎

तीन दन तक मैडम पति की हर बात के जवाब में मैनी मैनी करदी रई … 😏😏

दिल्ली की लड़कियां कृप्या हरियाणा के लड़कों के गुण दोष जान के ही उनसे शादी करें … और उल्टा मजाक तो कतई ना करें … वरना मैनी मैनी करना पड़ सकता है ..

Loading views...

क्या आप जानते हैं … ?
चाय शराब से ज्यादा खतरनाक है … 🤔

मैं इबी दारू पीकै घर आया तब मेरी घराली चाय पीवै थी … मैं तो चुपचाप शांत खड़या हूं … उसनै रुक्के देदे कै पूरा घर सिर पै ठा राखया है …

चाय के नशे मैं … हंजी …

Loading views...


चीन मैं एक कपल के घर दो छोरे जुड़वां पैदा होए उनका नाम रख्या

“Jo hoya”-“So hoya”

वहां दो तै जादा पैदा करना जुर्म , पर अगले साल फेर एक हो ग्या …

उसका नाम राख्या … “Ya ke hoya” 🤔

सरकार उस कपल तै ढूंढ री है … पर वे बालकां समेत फरार हो कै वापस रोहतक आ गए अपणे घर

Loading views...

मैडम_तू_धोखा_इसा_देगी

कई_बार_तो_अपणे_आप_पै_भी

शक_होजे_है

Loading views...

ताऊ :- बिंदर की ताई उपर आजा घणी सोहणी हवा चालरी है …
ताई :- बिंदर के ताऊ चुप्प चाल्ला सो ज्या मन्नैं बेरा तन्नैं आग लागरी सै … 😩

कवि समेंलण मैं भेजण जोग्गे होरे ये तो

Loading views...